My dream - national competition
मेरा राष्ट्रीय प्रतियोगिता का सपना मुझे खेलकूद पसंद है। वैसे तो सभी बच्चों को पसंद होती है, लेकिन मैं इसमें कुछ ज्यादा ही दिवानी हो जाती हूँ। पिछले साल (2024) छठी कक्षा में हमारे कराटे के सर और खो-खो की शिक्षिका ने मुझे इसमें बढ़ावा दिया। अतुल सर हमारा कराटे का जमकर अभ्यास लेते थे। मुझे नए-नए पैतरें और व्यायाम सिखाते थे। इससे मुझे अपना कराटे का कौशल पूरी ताकत और फुर्ती से दिखाने में मदद होती थी। पहली प्रतियोगिता की पहली श्रृंखला में मैंने आसानी से जीत हासिल कर ली। लेकिन दुसरी दौर में थोड़ी कमजोर पड़ गयी और मुझे हार का सामना करना पड़ा। मेरे शिक्षक और माता-पिता ने मेरा हौसला बनाए रखा। इस साल (2025) अतुल सर ने मुझे और कड़ी मेहनत करने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने मेरी और कुछ चुनिंदा लड़कियों की अलग से तालिम लेना शुरू कर दिया। जब भी हमें समय मिलता, तब हम कराटे के अभ्यास में जुट जाते। मै कई बार थकी हारी घर लौटती। लगता था की क्या सच में इतनी मेहनत करना जरूरी है ? पिताजी मेरा मनोबल बढ़ाते रहते और मेरी उर्जा बनाए रखते। ...